कभी कभी आप का चुप रहना - जीवन में सहन क्षमता को दर्शाने वाली कविता

कभी कभी आप का चुप रहना - जीवन में सहन क्षमता को दर्शाने वाली कविता

 अंकित नागर द्वारा लिखी गई यह जीवन में सहन क्षमता एक को दर्शाने वाली एक बेहतरीन कविता है। इस कविता में बताया गया है कि किस प्रकार लोगों द्वारा की गई बुरी बातों को व लोगों द्वारा दिए गए तानों को अनदेखा करके अपने जीवन में निरंतर कार्य करते रहना चाहिए। लोगों द्वारा कुछ कहने पर भी उन से कुछ ना कहना। अपने लक्ष्य की तरफ़ ध्यान रखना। 



कभी-कभी आपका चुप रहना 

लोगों का कुछ कहना 

आपका सुनना। 

कभी कभी आपका चुप रहना 

लोगों द्वारा आप का बुरा करना 

आपके द्वारा सहना

फिर भी आप का चुप रहना 

बदलें में कुछ भी ना कहना। 

कभी कभी आप का चुप रहना

लोगों का बुरा कहा दिल में दबा लेना

ऐसी समझदारी अपना लेना

अपने दिल को कठोर बना लेना। 

कभी कभी आप का चुप रहना

लड़ाई झगड़े को बढ़ावा ना देना

कहने वाले व्यक्तियों के यहा से 

चुप चाप निकल जाना। 

Ankit Nagar

अंकित नागर एक भारतीय हिंदी ब्लॉगर हैं, जो 2022 से लगातार ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। यह ब्लॉग उनकी रचनात्मक सोच का आईना है, जहाँ कहानियाँ, जीवनियाँ, कविताएँ, शायरी, जोक्स और कई अन्य दिलचस्प विषयों पर लाजवाब कंटेंट पढ़ने को मिलता है। साल 2022 से शुरू हुआ अंकित नागर का यह ब्लॉगिंग सफर आज रचनात्मकता के नए आयाम छू रहा है। 'मैं' शब्द से परे, उनका यह पूरा मंच पाठकों के प्रति उनकी निष्ठा और हिंदी भाषा के प्रति उनके गहरे प्रेम को दर्शाता है। एक भारतीय ब्लॉगर के रूप में अंकित नागर न केवल बेहतरीन कंटेंट परोस रहे हैं, बल्कि वे डिजिटल माध्यम से हिंदी भाषा को समृद्ध और सशक्त बनाने में भी अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। यदि आप भी शब्दों के जादू, भावनाओं के समंदर और बेहतरीन मनोरंजन के मुसाफ़िर हैं, तो अंकित नागर का यह ब्लॉग आपके लिए एक आदर्श और मुकम्मल ठिकाना है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने